बड़ौत विधानसभा :संक्षेप परिचय
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- Shikha Pandey
- April 3, 2026
- Uttar Pradesh
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाला है। वहीं सभी पार्टियों ने चुनावी तैयारी शुरू कर रही है। आज हम आपको बड़ौत विधानसभा सीट के बारे में बताने जा रहे है। यह बागपत जिले के तहत आती है। यह उत्तर प्रदेश के 403 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। यह बागपत लोकसभा क्षेत्र के पांच विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। अभी इस सीट से भाजपा के कृष्णपाल मलिक विधायक है।
राजनितिक इतिहास
बागपत जिले की बड़ौत विधानसभा सीट के बारे में बात करे तो 1952 में यह सीट अस्तित्व में आया था। निर्दलीय प्रत्याशी पं. उमराव दत्त शर्मा ने चुनाव किया है। 1957 में इस सीट से निर्दलीय प्रत्याशी आचार्य दीपांकर ने चुनाव जीता था। इसके बाद से इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा हुआ और 1962 के चुनाव में कांग्रेस के मूल चंद शास्त्री ने जीत हासिल की । 1967 के चुनाव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की टिकट पर एक बार फिर से आचार्य दीपांकर ने चुनाव जीता । 1969 में कांग्रेस के विक्रम सिंह ने अपना कब्जा जमाया। 1974 से 2012 तक निर्वाचन क्षेत्र अस्तित्व में नहीं था। 2008 के परिसीमन के बाद यह सीट अस्तित्व में आया है। 2012 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने जीत दर्ज की थी। बसपा के प्रत्याशी लोकेश दीक्षित विधायक निर्वाचित हुए थे। उस चुनाव में राष्ट्रीय लोकदल दूसरे स्थान पर रहा,समाजवादी पार्टी तीसरे नंबर पर रही,जबकि भारतीय जनता पार्टी चौथे स्थान पर रही। 2017 के चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी कृष्णपाल मलिक ने रालोद प्रत्याशी साहेब सिंह को 26 हजार वोटों के अंतर से हराया था। 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार कृष्णपाल मलिक ने राष्ट्रीय लोकदल के प्रत्याशी साहेब सिंह को लगभग 26 हजार मतों के अंतर से पराजित किया था। 2022 के चुनाव में भाजपा के कृष्णपाल मलिक ने रालोद के जयवीर को 315 वोट के अतंर से हराया था। कृष्णपाल मलिक को 90,931 वोट मिला था। वहीं जयवीर को 90,616 वोट मिला था। तीसरे नबंर पर बसपा के अंकित शर्मा थे उन्हें 11,244 वोट मिला था।
जातिगत समीकरण
बड़ौत विधानसभा सीट की जातीय समीकरण की बात करे तो यह जाट बाहुल्य सीट है। यहां पर हर जाति- वर्ग के मतदाता है। इस सीट पर कुल 3 लाख 25 हजार मतदाता है। अन्य पिछड़ा वर्ग के मतदाता भी बड़ौत विधानसभा सीट के चुनाव परिणाम को निर्धारित करने में भूमिका निभाते है। यहां पर जाट मतदाता 80 हजार है। मुस्लिम 45 हजार के करीब है। कश्यप 30 हजार है। दलित 25 हजार और वैश्य 18 हजार गुर्जर 18 हजार और राजपूत 12 हजार के करीब हौ।
बड़ौत विधानसभा की समस्याएं
बड़ौत विधानसभा की समस्याओं की बात करे तो यहां कृषि एक मुद्धा है। इसके अलावा यहां जाम की समस्या भी प्रमुख है।
बड़ौत विधानसभा की प्रसिद्ध चीजें
बड़ौत विधानसभा की प्रसिद्ध चीजों की बात करे तो यह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और सहारनपुर के बीच स्थित है। यह मेरठ, बुढ़ाना रोड और मुजफ्फरनगर जैसे प्रमुख शहरों के नजदीक होने के कारण भौगोलिक रूप से भी अहम माना जाता है। यहां नगर पालिका परिषद मौजूद है,इसके साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में भी यह क्षेत्र आगे है। यहां पर कई सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेज हैं।