हाथरस विधानसभा : संक्षिप्त विवरण
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- Shikha Pandey
- March 31, 2026
- Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाला है। सभी पार्टियों ने चुनावी रणनीति बनाना शुरु कर दी है। आज हम आपको हाथरस विधानसभा सीट के बारे में बताने जा रहे है। यह हाथरस जिले का हिस्सा है। और 403 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में से एक है। अभी इस सीट से भाजपा की अंजुला सिंह महौर विधायक है।
राजनितिक इतिहास
हाथरस सीट की राजनितिक इतिहास की बात करे तो इस सीट पर 1952 में पहला चुनाव हुआ था। 1952,1957,1962 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी के नंद कुमार देव ने तीनों बार चुनावी बाजी मारी थी। 1967 का चुनाव भारतीय जनसंघ के आरएस सिंह ने जीता था। 1969 और 1974 का चुनाव कांग्रेस के प्रेम चंद्र शर्मा और नारायण हरि शर्मा ने चुनाव जीता था। 1977 का चुनाव जनता पार्टी के राम सरन सिंह ने जीता था। 1980 के चुनाव में जनता पा्र्टी के सूरज भान ने जीता था। 1985 का चुनाव एक बार फिर कांग्रेस के नारायण हरि शर्मा ने जीता था। 1989 औऱ 1991 के चुनाव में जनता दल के राम सरन सिंह ने जीता था। 1993 के चुनाव में भाजपा के राजवीर सिंह ने बाजी मारी थी। 1996 से 2012 तक इस सीट पर बसपा का कब्जा रहा है। परीसीमन से पहले यह सीट समान्य थी। इस सीट से बसपा के कद्दावर नेता रामवीर उपाध्याय लगातार तीन बार इस सीट से चुनाव जीतते रहे। हालांकि,परिसीमन के बाद साल 2012 के विधानसभा चुनाव में यह सीट अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित कर दी गई। जिसके चलते रामवीर उपाध्याय को यह सीट छोड़नी पड़ी। पार्टी ने साल 2012 में सासनी विधानसभा सीट से विधायक रहे गेंदालाल चौधरी को प्रत्याशी बनाया। 2012 के विधानसभा चुनाव में गेंदालाल चौधरी ने जीत दर्ज की और भाजपा प्रत्याशी राजेश दिवाकर को 9,128 मतों के अंतर से हराया।
2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने परिसीमन के समाप्त हुई सासनी सीट से तीन बार विधायक रहे और दलबदल के बाद पार्टी में शामिल हुए हरीशंकर माहौर को चुनावी मैदान में उतारा। उन्होंने अपने निकटतम बसपा प्रत्याशी बृजमोहन राही को 70,661 मतों के बड़े अंतर से हराकर जीत हासिल की। 2022 के चुनाव में भाजपा के अंजुला सिंह महौर ने जीत हासिल की । उन्हें 154,655 वोट मिला था। दूसरे नबंर पर बसपा के संजीव कुमार थे। उन्हें 53,799 वोट मिला। तीसरे नबंर पर सपा के बृज मोहन राही थे उन्हें 47,185 वोट मिला।
जातिगत समीकरण
हाथरस सीट की जातिगत समीकरण की बात करे तो इस सीट पर कुल 4,15,992 संख्या है। यहां ठाकुर मतदाता की संख्या 49600 है। वैश्य मतदाता की संख्या 42,700 है। धोबी मतदाता की संख्या 26,900 है। मुस्लिम मतदाता की संख्या 20200 है। जाटव मतदाता की संख्या 29700 है। ब्राह्मण मतदाता की संख्या 42300 है। जाट मतदाता की संख्या 15100 है। कोली मतदाता की संख्या 9800 है। वाल्मीकि मतदाता की संख्या 6900 है। बघेल मतदाता की संख्या 15300 है। कुशवाहा मतदाता की संख्या 24700 है। नाई मतदाता की संख्या 5500 है। खटीक मतदाता की संख्या 2900 है। कश्यप मतदाता की संख्या 5000 है। दर्जी मतदाता की संख्या 2300 है। कुम्हार मतदाता की संख्या 4850 है। पंजाबी मतदाता की संख्या 4200 है। भुजी मतदाता की संख्या 2100 है। यादव मतदाता की संख्या 3200 है। वहीं अन्य मतदाताओं की संख्या लगभग 7000 है।
हाथरस विधानसभा की समस्याएं
हाथरस विधानसभा की समस्याओं की बात करे तो यहां कोई भी बड़ा मेडिकल कॉलेज या अस्पताल नहीं है। न ही कोई बड़ी इंडस्ट्री है जिसके कारण युवाओं को पलायन करना पड़ता है। वहीं महिला सुरक्षा भी एक बड़ा मुद्धा है।
हाथरस विधानसभा की प्रसिद्ध चीजें
हाथरस विधानसभा की प्रसिद्ध चीजों की बात करे तो यह रंग और हींग निर्माण के लिए जानी जाती है।